अंबिकापुर। गांधीनगर थाना क्षेत्र के मथुआपारा में रविवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई। किराए के मकान में रहने वाली महज 10 वर्षीय अंजिता एक्का की फांसी लगाने से मौत हो गई। अंजिता मोहल्ले में ही स्थित प्राथमिक शाला मथुआपारा में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। माता-पिता शाम को घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो हथौड़ी की मदद से उसे खोला गया। भीतर का दृश्य देखकर माता-पिता के होश उड़ गए। बच्ची फंदे पर मिली। इतनी कम उम्र में बच्ची द्वारा यह कदम उठाए जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार अंजिता एक्का पिता अपनेजर एक्का मूल रूप से लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम किरकेला की रहने वाली थी। परिवार वर्तमान में गांधीनगर थाना क्षेत्र के मथुआपारा में कलिंदर जायसवाल के मकान में किराए से रहता है। पिता आसपास मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां दाना-पानी होटल में काम करती है। तीन बच्चों में अंजिता सबसे बड़ी थी। उसकी एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है।
मोहल्ले के स्कूल में पढ़ती थी अंजिता
अंजिता घर के पास ही संचालित प्राथमिक शाला मथुआपारा में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। रविवार शाम करीब 4.45 बजे पिता छोटी बेटी को साथ लेकर पत्नी को लेने होटल गए थे। करीब 6 बजे पति-पत्नी घर लौटे। मकान के बाहर छोटा बेटा खेलता मिला। माता-पिता ने उससे अंजिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि दीदी अंदर सो रही है।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो उड़े होश
माता-पिता ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था और कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर हथौड़ी की मदद से किसी तरह दरवाजा खोला गया। अंदर पहुंचने पर अंजिता फंदे पर मिली। बताया जा रहा है कि पलंग पर कुर्सी रखी हुई थी।
परिजन बच्ची को तत्काल फंदे से उतारकर नजदीकी निजी अस्पताल ले गए। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
आखिर 10 साल की बच्ची ने क्यों उठाया कदम?
महज 10 वर्ष की पांचवीं कक्षा की छात्रा ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल अज्ञात है। घटना के पीछे की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।








