अम्बिकापुर / ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरी उपयोगी साबित हो रही है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घंघरी निवासी फूना राम पहाड़ी कोरवा ने अपनी खाली पड़ी जमीन पर आजीविका डबरी का निर्माण कराकर मछली पालन की शुरुआत की है। बारिश के दौरान डबरी में पर्याप्त पानी एकत्रित होने पर उन्होंने मछली बीज छोड़ा है। मछलियां तैयार होने के बाद उनकी बिक्री से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होने की उम्मीद है।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत फूना राम की यह कहानी जल संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ने का उदाहरण है।
खाली पड़ी जमीन बनी आजीविका का आधार
फूना राम पहाड़ी कोरवा ने बताया कि उनकी जमीन का एक हिस्सा खाली पड़ा था। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत इस भूमि पर आजीविका डबरी का
निर्माण कराया गया। वर्षा ऋतु में डबरी में पर्याप्त जलभराव होने से उन्होंने मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया और उसमें मछली बीज छोड़ा।
उन्होंने बताया कि मछलियों के तैयार होने के बाद बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। डबरी निर्माण से वर्षा जल के संचय के साथ खाली पड़ी जमीन का उपयोग आजीविका गतिविधि के लिए संभव हुआ है।
मछली पालन से अतिरिक्त आय की उम्मीद, फूना राम ने जताया आभार
फूना राम पहाड़ी कोरवा ने आजीविका डबरी निर्माण से मिले लाभ पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उनकी जमीन खाली पड़ी थी, लेकिन अब डबरी में पानी उपलब्ध होने से मछली पालन शुरू किया है। मछलियां तैयार होने पर उनकी बिक्री से परिवार को अतिरिक्त आमदनी मिल सकेगी। उन्होंने आजीविका डबरी निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
फूना राम की यह कहानी दर्शाती है कि ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ ग्रामीणों को मछली पालन जैसी आयमूलक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।










