ऑनलाइन सुबह 8 बजे पहुंचने की सूचना, स्टेशन पर 10:30 बजे आई ट्रेन; सांसद तक पहुंची शिकायत, फिर भी राहत नहीं
अंबिकापुर। दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस की लगातार लेटलतीफी से सरगुजा के रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। दुर्ग से निर्धारित समय पर रवाना होने के बावजूद ट्रेन अंबिकापुर पहुंचते-पहुंचते दो से तीन घंटे तक विलंबित हो रही है। सुबह 8 बजे अंबिकापुर पहुंचने वाली ट्रेन कई दिनों से सुबह 10:30 से 11 बजे के बीच पहुंच रही है। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और जरूरी काम से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को भी ट्रेन की लेटलतीफी सामने आई। रेलवे की ऑनलाइन वेबसाइट पर ट्रेन के सुबह 8 बजे अंबिकापुर पहुंचने की जानकारी प्रदर्शित हो रही थी, जबकि वास्तविकता में ट्रेन सुबह 10:30 बजे स्टेशन पहुंची। ऑनलाइन जानकारी और ट्रेन के वास्तविक परिचालन में अंतर के कारण यात्रियों के साथ उन्हें लेने स्टेशन पहुंचने वाले परिजन भी परेशान हुए।
अनूपपुर के बाद धीमी पड़ जाती है रफ्तार
यात्रियों के अनुसार, दुर्ग से समय पर रवाना होने के बावजूद अनूपपुर के बाद ट्रेन की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। रास्ते में कई स्थानों पर लंबे समय तक रुकने के कारण ट्रेन लगातार विलंबित होती जाती है। यात्रियों के बीच यह चर्चा भी है कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता
देने के कारण यात्री ट्रेन को रास्ते में रोका जाता है। हालांकि, रेलवे की ओर से अब तक देरी के वास्तविक कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस सरगुजा क्षेत्र के बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवा है। ट्रेन के सुबह 8 बजे पहुंचने के निर्धारित समय के अनुसार लोग अपने कार्यालय, अन्य जरूरी कार्यों और आगे की यात्रा की योजना बनाते हैं। लेकिन ट्रेन के घंटों देर से पहुंचने के कारण उनकी पूरी दिनचर्या प्रभावित हो जाती है।
ऑनलाइन जानकारी अपडेट नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
रेलवे की ऑनलाइन सूचना व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रविवार को रायपुर से अंबिकापुर लौट रहे एक विद्यार्थी को लेने के लिए उसके परिजन वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्टेशन पहुंचने की तैयारी कर रहे थे। वेबसाइट पर ट्रेन के सुबह 8 बजे पहुंचने की सूचना थी, जबकि ट्रेन उस समय तक अनूपपुर भी पार नहीं कर पाई थी।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के विलंबित होने की स्थिति में रेलवे की वेबसाइट और अन्य सूचना माध्यमों पर वास्तविक स्थिति समय पर अपडेट की जानी चाहिए। गलत जानकारी के कारण परिजनों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है। साथ ही, यह भी पता नहीं चल पाता कि यात्री को लेने के लिए स्टेशन कब पहुंचना उचित होगा।
सांसद को भी करा चुके हैं अवगत
ट्रेन की लेटलतीफी का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। स्थानीय यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर ट्रेन का परिचालन निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने और लगातार हो रही देरी का समाधान निकालने की मांग की है। सरगुजा के सांसद चिंतामणि महाराज को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद यात्रियों का कहना है कि परिचालन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
रेलवे की समय-सारिणी और परिचालन व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रही देरी से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। यात्रियों का सवाल है कि जब ट्रेन दुर्ग से निर्धारित समय पर रवाना होती है, तो अंबिकापुर पहुंचने तक दो से तीन घंटे की देरी क्यों हो जाती है? रास्ते में ट्रेन को कहां और कितनी देर रोका जाता है, इसकी जानकारी भी यात्रियों को मिलनी चाहिए।
रेल यात्री अंचल ओझा और शिवेश सिंह बाबू ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए देरी के वास्तविक
कारणों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अनूपपुर के आगे ट्रेन के परिचालन की समीक्षा की जानी चाहिए। मालगाड़ियों और अन्य ट्रेनों के परिचालन के दौरान यात्री ट्रेन के समय का भी ध्यान रखा जाए।
यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा और दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस को निर्धारित समय पर चलाने की व्यवस्था करेगा। इसके लिए सरगुजा सांसद से भी प्रभावी पहल करने की अपेक्षा जताई गई है।









