127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर खातों से निकाली गई थी करोड़ों की राशि, जांच में कई अधिकारी पाए गए दोषी
सीतापुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर की पेटला शाखा में सामने आए बहुचर्चित किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण घोटाले में सीतापुर पुलिस ने
एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सीतापुर में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 316(5), 61(2) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
मामले की प्रारंभिक जांच में कलेक्टर सरगुजा द्वारा गठित जांच दल ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए थे। जांच में सामने आया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पेटला शाखा में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खातों से 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार 96 रुपये का अनियमित आहरण किया गया।
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक लेखापाल, कैशियर, सामान्य सहायक, दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर
ऑपरेटर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच दल ने सभी को संयुक्त रूप से दोषी मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की थी, जिसके बाद कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए, जिसके आधार पर दीपक कुमार चक्रधारी (29 वर्ष), पिता मनोहर राम, निवासी अखोराकला, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपी को 19 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गौरतलब है कि केसीसी ऋण घोटाले ने जिले के सहकारी बैंकिंग तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी सामने आने के बाद पीड़ित किसानों में भारी नाराजगी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक नंदकुमार प्रजापति, तिजलाल पैकरा तथा आरक्षक महेंद्र कुमार नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी जल्द वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।










