रामानुजनगर। ब्लॉक मुख्यालय रामानुजनगर में स्थित एकमात्र खेल मैदान इन दिनों अव्यवस्था का शिकार है। खेल मैदान के एक ओर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और दूसरी ओर पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थित है। इसी खेल मैदान के किनारे बनाई जा रही सड़क का काम अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार खेल मैदान के किनारे बनाई गई सड़क के कुछ हिस्से में डामरीकरण का कार्य पूरा कर दिया गया है, जबकि पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के सामने लगभग 80 से 100 मीटर सड़क पर केवल गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। स्कूल के ठीक सामने सड़क की यह स्थिति बच्चों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क के अधिकांश हिस्से में डामरीकरण किया जा सकता है, तो स्कूल के सामने सड़क को अधूरा क्यों छोड़ा गया है? जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि स्कूल के सामने डामरीकरण करने से
बच्चों को परेशानी होगी। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि डामरीकरण से बच्चों को परेशानी होगी, तो क्या सड़क पर बिखरी गिट्टी से बच्चों को परेशानी नहीं होगी?स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के नवीन भवन निर्माण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही के कारण खेल मैदान का समतलीकरण भी प्रभावित हुआ है। मैदान में समतलीकरण की आवश्यकता है, लेकिन इस ओर भी अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया है।इसके अलावा पूरे खेल परिसर में एक भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। शाम के समय खेल मैदान में अंधेरा छा जाता है, जिससे खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक मुख्यालय के महत्वपूर्ण शैक्षणिक और खेल परिसर की इन मूलभूत समस्याओं की ओर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के सामने अधूरी सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, खेल मैदान का समतलीकरण कराया जाए और पूरे परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और खिलाड़ियों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं मिल सकें।अब सवाल यह है कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर डामरीकरण रोकना जायज है, तो फिर स्कूल के सामने गिट्टी डालकर सड़क को अधूरा छोड़ना किस तरह उचित है










