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Bureau Report
बिश्रामपुर / सरस्वतीपुर–रामनगर–सूरजपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जर्जर सड़क पर धान की रोपाई कर शासन-प्रशासन के समक्ष विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना था कि बरसात के दौरान सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। इसी के विरोध में उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर धान रोपकर अपनी नाराजगी जाहिर की।ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर वर्ष बारिश में सड़क और अधिक क्षतिग्रस्त हो जाती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों को होती है, जिन्हें रोजाना दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग से लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होने के कारण सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। बरसात में कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी
रहती है।
रहती है।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि वर्षों से उपेक्षित जनसमस्या के समाधान की मांग को लेकर किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ग्रामीणों के बुलावे पर भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री दुर्गा गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सड़क की शीघ्र मरम्मत की मांग की जाएगी तथा भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
प्रदर्शन में सरपंच सुमित्रा देवी, जवाहर सिंह, चंद्रभान, सूरज सिंह, हीरालाल, देवकरण, निर्मल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सरस्वतीपुर–रामनगर–सूरजपुर मार्ग की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं से राहत मिल सके।










