घटिया निर्माण पर सख्त तेवर, कलेक्टर को जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश; कृषि महाविद्यालय निर्माण का भी किया निरीक्षण, लापरवाही पर लगाई फटकार
प्रतापपुर । धोंधा–गोविंदपुर–रमकोला मार्ग पर निर्माणाधीन रपटा पहली तेज बारिश में बह जाने के बाद उठे सवालों के बीच प्रतापपुर विधायक
शकुंतला सिंह पोर्ते मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आईं। लगातार हो रही बारिश और कठिन हालात के बावजूद विधायक स्वयं मौके पर पहुंचीं और बह चुके रपटा तथा क्षतिग्रस्त स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की स्थिति देखकर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदार को गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की सख्त चेतावनी दी।
गौरतलब है कि इसी मार्ग पर कुछ वर्ष पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर ढह गई थी। उसके बाद आवागमन बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा अस्थायी रपटा बनाया जा रहा था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में उसके बह जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामले को लेकर क्षेत्र में पहले से ही आक्रोश था। विधायक के मौके पर पहुंचने से ग्रामीणों में यह संदेश गया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्य की पूरी जानकारी ली और कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, तकनीकी लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने दूरभाष के माध्यम से कलेक्टर रेना जमील से भी चर्चा कर पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता बार-बार अधूरे और कमजोर निर्माण कार्यों की कीमत नहीं चुका सकती। भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया और रपटा क्षतिग्रस्त होने से धोन्धा, गोविंदपुर, रमकोला सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि स्थायी समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारी वर्षा के बीच विधायक का मौके पर पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों ने कहा कि खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद विधायक स्वयं निरीक्षण करने पहुंचीं, जिससे लोगों में विश्वास और उम्मीद दोनों बढ़ी हैं। कई ग्रामीणों ने इसे जनप्रतिनिधि की जवाबदेही और संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।
धोंधा प्रवास के दौरान विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने निर्माणाधीन कृषि महाविद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की जानकारी ली। जहां-जहां निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया अथवा कार्य की गति संतोषजनक नहीं दिखी, वहां संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विधायक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और जनता की सुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
धोंधा पुलिया और कृषि महाविद्यालय के निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रतापपुर क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी को लेकर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि विकास कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।










