ब्रह्माकुमारीज़ के पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान का अंबिकापुर में आयोजन, राजयोग और सकारात्मक सोच का दिया संदेश
अंबिकापुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा 26 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान के तहत अंबिकापुर सेवा केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सरगुजा महाराज टी.एस. सिंहदेव थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह “टिन्नी”, जिला पंचायत अधिकारी विनय अग्रवाल, माउंट आबू से आए बीके पीयूष भाई एवं बीके ओंकार भाई, पानीपत से आईं बीके ज्योति दीदी, बीके तारीका दीदी, बीके माधुरी दीदी तथा अंबिकापुर सेवा केंद्र की संचालिका बीके विद्या दीदी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ तथा अतिथियों का पौधे और बैज देकर स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि टी.एस. सिंहदेव ने ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ में मनुष्य ने प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है। यदि मन का पर्यावरण शुद्ध नहीं होगा तो बाहरी पर्यावरण को भी सुरक्षित नहीं रखा जा सकेगा। उन्होंने आत्मनियंत्रण, सरल जीवन और सकारात्मक सोच को पर्यावरण संरक्षण का आधार बताया।
नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह “टिन्नी” ने कहा कि बीके पीयूष भाई के विचार प्रेरणादायक हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समृद्धि के लिए इन संदेशों को व्यवहार में उतारा जाएगा, जिससे प्रदेश और देश विकास के साथ सम्मान की दिशा में आगे बढ़े।
बीके पीयूष भाई ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है। उन्होंने बाहरी और आंतरिक पर्यावरण का अंतर
समझाते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए, समय पर सोना-उठना चाहिए, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए तथा धरती मां की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
बीके ओंकार भाई ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति का संतुलन बिगड़ने के कारण आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ की साइंटिस्ट, इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट विंग द्वारा देशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इसका शुभारंभ रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने किया था। अभियान का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
बीके ज्योति दीदी ने राजयोग का महत्व बताते हुए कहा कि राजयोग का अर्थ है स्वयं भी प्रसन्न रहना और दूसरों को भी प्रसन्न रखना। उन्होंने कहा कि आत्मा और परमात्मा के मिलन से मन सशक्त बनता है तथा सकारात्मक दृष्टिकोण से हर परिस्थिति को स्वीकार करने की शक्ति मिलती है। उन्होंने उपस्थित लोगों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया।
कार्यक्रम में बीके विद्या दीदी ने अतिथियों का स्वागत किया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी अतिथियों को ईश्वरीय साहित्य, स्लोगन, प्रसाद एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मणिकर्णिका और अदिति ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी, जबकि बीके तारीका दीदी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

इस अवसर पर समाजसेवी शिल्पा पांडे, मंगल पांडे, वंदना दत्ता, आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, सुधीर पांडे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अभियान के अंतर्गत साईं बाबा कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, साइंस कॉलेज तथा विश्रामपुर एसईसीएल में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।









