अंबिकापुर। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर नशीले इंजेक्शन के एक विक्रेता और उसके सप्लायर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को 30 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बलरामपुर जिले के कुसमी निवासी अविनाश पैकरा अंबिकापुर के शांतिपारा स्थित किराए के मकान में रहकर नशीले इंजेक्शन की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक युवक बैग लेकर भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अविनाश पैकरा बताया।
बैग की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 15 रेक्सोजेसिक (REXOGESIC) इंजेक्शन और 15 एविल (AVIL) इंजेक्शन बरामद किए गए। आबकारी टीम ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की।
पूछताछ में अविनाश ने बताया कि वह नशीले इंजेक्शन बलरामपुर जिले के अनपारा निवासी अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू से खरीदकर लाता था। इसके बाद 31 जुलाई को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत
गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने बलरामपुर जिले के विमलापुर जंगल में दबिश देकर अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 50 रेक्सोजेसिक इंजेक्शन और 50 एविल इंजेक्शन बरामद किए गए।
दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि “ऑपरेशन क्लीन” के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर में अधिकांश नशीले इंजेक्शन विक्रेताओं के जेल जाने के बाद कुछ लोग बलरामपुर और सूरजपुर से नशीले इंजेक्शन की आपूर्ति कर रहे हैं, जिन पर आबकारी विभाग की कड़ी नजर है।
इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, रोहित सोनवानी तथा महिला सैनिक राजकुमारी सिंह एवं चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








