रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। अगले तीन दिनों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इसे देखते हुए किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
12 जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 20 से 22 अक्टूबर के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
जिन जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम प्रभावित होने की संभावना जताई गई है, उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर,
सरगुजा और बलरामपुर शामिल हैं। समाचार में 12 जिलों का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध सूची में 11 जिलों के नाम ही दिए गए हैं।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना बेहतर है।
अंबिकापुर में सबसे कम तापमान
तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, रायपुर में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी रायपुर में 19 अक्टूबर को मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया था। यहां अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना बताई गई।
सीमित इलाकों में बारिश के आसार
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हुई, लेकिन कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में भी बारिश का प्रभाव सीमित क्षेत्रों में रहने की संभावना है।










