सूरजपुर। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त आवेदनों के
निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने प्रकरणों के निपटारे की स्थिति के साथ-साथ समाधान की गुणवत्ता और नागरिकों से मिले फीडबैक को भी बारीकी से परखा। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रकरण प्राप्त करने व बंद करने के बाद आवेदकों से संपर्क कर यह अवश्य जाँचें कि उन्हें वास्तव में राहत मिली है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निपटारा महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आवेदक की वास्तविक संतुष्टि की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए।राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने लंबित मामलों, नियत अवधि पार कर चुके आवेदनों तथा वर्तमान में सर्वाधिक दर्ज हो रही शिकायतों का बिंदुवार विश्लेषण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों की जड़ तक पहुँचकर त्वरित एवं स्थायी हल निकालने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिक बड़ी उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लेते हैं, इसलिए हर आवेदन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए तय समय में कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने विभाग प्रमुखों को ताकीद की कि विभागीय स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय कर ड्यूटी लगाई जाए, ताकि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से अटका
न रहे।बैठक में स्वास्थ्य विभाग तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने टीबी मुक्त सूरजपुर की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति तथा सुदूर एवं पहुँचविहीन क्षेत्रों तक उनकी उपलब्धता पर सतत निगरानी रखने पर बल दिया। बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अमले को सख्त मॉनिटरिंग तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि घरों के आसपास अथवा छतों पर रखे कूलर, टायर और डिब्बों में पानी ठहरने न पाए तथा लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई निरंतर चलती रहे। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की नालियों की नियमित सफाई तथा जलभराव वाले स्थानों पर कीटनाशक या
मिट्टी का तेल डालने पर जोर दिया। साथ ही विद्यालयों और स्थानीय स्तर पर आमजन को इन रोगों के लक्षणों एवं बचाव के उपायों से अवगत कराने की बात कही।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति पर भी कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर आधारित सूक्ष्म सिंचाई का अधिकाधिक विस्तार कर खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता बढ़ाई जाए। कलेक्टर ने ‘‘प्रति बूंद अधिक फसल‘‘ के ध्येय को रेखांकित करते हुए कहा कि सटीक जल प्रबंधन से फसलों की उत्पादकता के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र किसानों तक योजना का लाभ समय पर पहुँचाने तथा जल स्रोत सृजन, जल भंडारण एवं संरक्षण से जुड़े कार्यों में गति लाने की अपेक्षा जताई।बैठक में जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, सर्व एसडीएम व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।










