बलरामपुर / हर घर में कुछ खिलौने ऐसे होते हैं, जिनसे बच्चे बड़े होकर खेलना छोड़ देते हैं और जो किसी अलमारी या कोने में धूल खाते रहते हैं। वही खिलौने किसी आंगनबाड़ी केंद्र में पहुँचकर उन नन्हे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला सकते हैं, जिनके लिए एक गेंद, गुड़िया या रंगीन गाड़ी भी बड़ी खुशी है। इसी भावना के साथ कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे घर में अनुपयोगी पड़े खिलौने अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में दान करें और इस पुण्य कार्य के सहभागी बनें। यह अपील सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ के अवसर पर की गई है।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की पहली पाठशाला हैं। खिलौने बच्चों के खेलने के साथ उनके सीखने और मानसिक विकास का माध्यम भी होते हैं। उन्होंने कहा कि
आपका छोटा-सा योगदान किसी बच्चे के बचपन को और खुशहाल बना सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से आयोजन के दौरान अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पहुँचने और गतिविधियों में सहभागिता करने का भी आग्रह किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमाकांत चंद्राकर ने बताया कि जिले के सभी 2376 आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन मिलन सेवा के तहत विविध गतिविधियाँ होंगी। इन कार्यक्रमों में हितग्राही माताएँ, स्व-सहायता समूह की महिलाएँ, बच्चों के अभिभावक और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। आयोजन में पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पोषण विषय पर हल्का-फुल्का संवाद भी होगा। ‘‘मेरी पौष्टिक थाली’’ का प्रदर्शन और व्यंजन विधि प्रदर्शनी लगेगी। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल पर चर्चा होगी। सामुदायिक सहभागिता से न्योता भोज भी आयोजित होगा।
बच्चों के लिए मनोरंजक खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और चित्रकला प्रतियोगिता होगी, तथा उन्हें मिठाई और फल वितरित किए जाएंगे। स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के साथ दो स्वस्थ सुपोषित शिशुओं और उनकी माताओं का सम्मान किया जाएगा। महतारी वंदन योजना की राशि को अपने और बच्चों के पोषण पर व्यय करने वाली दो माताओं को ‘‘पोषण शक्ति सम्मान’’ दिया जाएगा। पोषण वाटिका के लिए पौधारोपण होगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं, बच्चों और गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी। आयोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का सम्मान किया जाएगा, जो गाँव-गाँव में माताओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित सहयोग देने वाले स्थानीय नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। लाभार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे अन्य परिवार भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित होंगे।










