412 बसों में GPS नहीं मिला, 210 में बंद मिला उपकरण; 85 बसों के पैनिक बटन खराब, सड़क पर चलने पर होगी जब्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जुलाई से सितंबर तक चले विशेष जांच अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाली 170 बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट
कर दिया गया है। इन बसों का परमिट के आधार पर संचालन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, विभाग ने 300 बस संचालकों को अंतिम नोटिस जारी किया था।
जांच में सामने आई सुरक्षा उपकरणों की लापरवाही
परिवहन वि
भाग की जांच में सामने आया कि प्रदेश में 412 बसों में GPS (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) नहीं लगा था, जबकि 210 बसों में यह उपकरण बंद मिला। इसके अलावा 85 बसों के पैनिक बटन भी खराब पाए गए। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इन उपकरणों की अनदेखी पर विभाग ने बस संचालकों को सुधार करने के निर्देश दिए थे।
जांच अभियान के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर, अंबिकापुर और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर उड़नदस्ता टीमों तथा आरटीओ अधिकारियों ने बसों की जांच की।
नोटिस के बाद भी नहीं किया नियमों का पालन
परिवहन विभाग ने पहले चरण में 300 बस संचालकों को 15 दिन का अंतिम नोटिस जारी किया था। इनमें से 140 संचालकों ने GPS लगवाकर पोर्टल पर पंजीयन करा लिया। हालांकि, 170 बस संचालकों ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद विभाग ने संबंधित बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की।
सड़क पर चलती मिलीं तो होंगी जब्त
परमिट निरस्त की गई बसों का संचालन प्रतिबंधित है। यदि ये बसें सड़क पर चलती पाई जाती हैं, तो उन्हें जब्त करने के साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।
उप परिवहन
आयुक्त केके पटेल के अनुसार, नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये के जुर्माने और छह महीने तक की सजा का प्रावधान है।
हादसों में मददगार हैं GPS और पैनिक बटन
यात्री बसों में GPS की मदद से वाहन की लोकेशन, निर्धारित मार्ग और संचालन पर नजर रखी जा सकती है। वहीं, पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सहायता के लिए उपयोगी है। बटन दबाने पर 112 सहित संबंधित नियंत्रण कक्ष तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था है।
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहन मालिकों के लिए मोटर व्हीकल एक्ट और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।










