सूरजपुर जिले के ढोघट घाट पर हुआ हादसा, दशहरा मनाने बिहार के कटिहार से आया था परिवार; ग्रामीण युवकों ने नदी में उतरकर चारों के शव निकाले
बिश्रामपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी के ढोघट घाट पर शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में नहाने पहुंचे चार लोगों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र विवेक सिंह (45) और अभिजीत सिंह (20) के साथ दो सगे भाई गोपाल कृष्ण (13) और कृष्ण गोपाल (14) शामिल हैं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय ग्रामीण युवकों ने चारों के शव नदी से बाहर निकाले। एक ही हादसे में चार लोगों की मौत से दोनों परिवारों में मातम पसरा है।
दशहरा मनाने आया था परिवार
जानकारी
के अनुसार, सूरजपुर क्षेत्र के चंदरपुर में रहने वाली नेहा सिंह ब्यूटी पार्लर और श्रृंगार की दुकान संचालित करती हैं। वह अपने बेटे अभिजीत के साथ यहां रहती थीं। दशहरा पर्व मनाने के लिए उनके पति विवेक सिंह, नेहा के माता-पिता और उनकी बहन के दोनों बेटे बिहार के कटिहार जिले से चंदरपुर आए थे।
शनिवार को सभी को वापस बिहार लौटना था। इससे पहले सुबह विवेक सिंह स्कूटी से पंपापुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन करने गए। वहां से उन्होंने अपने बेटे अभिजीत और अपने साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटों गोपाल कृष्ण व कृष्ण गोपाल को फोन कर कोन्हाखार के पास रेण नदी के घाट पर बुलाया। इसके बाद चारों नदी में नहाने पहुंचे, लेकिन गहरे पानी में जाने के कारण उनकी डूबने से मौत हो गई।
कपड़े, चप्पल और स्कूटी देखकर ग्रामीणों को हुआ संदेह
काफी देर तक चारों के वापस नहीं लौटने पर नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों की नजर वहां रखे कपड़ों, चप्पलों, मोबाइल फोन और दो स्कूटी पर पड़ी। आसपास किसी के नजर नहीं आने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलने पर बिश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटाई। दोनों स्कूटी नेहा सिंह और विवेक सिंह के नाम पर दर्ज थीं। पंजीयन रिकॉर्ड से मिले मोबाइल नंबर के माध्यम से स्वजन को घटना
की जानकारी दी गई।
ग्रामीण युवकों ने एक-एक कर निकाले शव
पुलिस ने नगर सेना की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) की टीम को सूचना दी। टीम के रमकोला में होने के कारण अंबिकापुर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को बुलाया गया।
एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण युवक मनीष सिंह, कमल सिंह और गणेश सिंह नदी में उतरकर तलाश करने लगे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सबसे पहले गोपाल कृष्ण का शव पत्थर के पास फंसा मिला। इसके बाद कृष्ण गोपाल और विवेक सिंह के शव बरामद किए गए। कुछ दूरी पर विवेक के बेटे अभिजीत का शव भी मिल गया।
ग्रामीण युवकों के प्रयास से चारों शवों को नदी से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया है। बिहार के कटिहार से स्वजन के रवाना होने के कारण पुलिस उनके पहुंचने का इंतजार कर रही थी।
एक हादसे में दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में विवेक सिंह ने अपने इकलौते बेटे अभिजीत को खो दिया, जबकि दोनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दूसरी ओर, विवेक के साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल भी हाद
से का शिकार हो गए। बताया गया है कि जितेंद्र सिंह के यही दो बच्चे थे।
जिस परिवार मेंदशहरा पर्व की खुशियां थीं और शनिवार को बिहार लौटने की तैयारी चल रही थी, वहां अब चार लोगों की मौत से शोक छा गया है। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
हादसे में मृतकों के नाम
- विवेक कुमार सिंह (45 वर्ष) — पिता विश्वनाथ सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
- अभिजीत सिंह (20 वर्ष) — पिता विवेक सिंह, निवासी चंदरपुर, जिला सूरजपुर। वर्तमान में कुशवाहा के मकान में किराए पर रह रहे थे।
- गोपाल कृष्ण (13 वर्ष) — पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
- कृष्ण गोपाल (14 वर्ष) — पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।









