अम्बिकापुर / संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, अम्बिकापुर के फार्मेसी विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के सिटी कैंपस, दर्रीपारा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में बी. फार्मेसी एवं डी. फार्मेसी के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए इंडक्शन एवं स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, करियर के अवसरों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले, मुख्य अतिथि, विभागाध्यक्ष एवं उपस्थित प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत का सामूहिक गायन हुआ।
कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसरों का सदुपयोग करने, ज्ञान एवं कौशल विकसित करने तथा समाज और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। फार्मेसी विभागाध्यक्ष प्रो. रोहितास देशमुख ने स्वागत उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए फार्मेसी शिक्षा में अनुशासन, नियमित अध्ययन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान बी. फार्मेसी पाठ्यक्रम का परिचय एवं शैक्षणिक संरचना की जानकारी कार्यक्रम समन्वयक श्री आनंद कुमार ने दी। वहीं, डी. फार्मेसी पाठ्यक्रम की रूपरेखा एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. जुनैद खान ने विद्यार्थियों को
जानकारी प्रदान की। सहायक कुलसचिव श्री सी. एल. टंडन ने पंजीयन, नामांकन एवं परीक्षा प्रणाली से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
डॉ. रंजीत हरवंश ने फार्मेसी के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों, रोजगार की संभावनाओं और व्यावसायिक विकास के विभिन्न मार्गों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. रामू सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) सहित विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों में विद्यार्थियों की सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रंजीत हरवंश ने आभार प्रदर्शन किया। इसके पश्चात राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस इंडक्शन एवं स्वागत कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ फार्मेसी शिक्षा की शुरुआत के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक यात्रा के प्रति जागरूक करते हुए भविष्य में स्वास्थ्य सेवा एवं फार्मेसी के क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।









